नारायणी शक्ति फाउंडेशन टीम द्वारा कंबल वितरण की गई
नारायणी शक्ति फाउंडेशन टीम द्वारा कंबल वितरण कार्यक्रम – 2026
मानवता की सेवा की एक सशक्त पहल | पटना, बिहार
कड़ाके की ठंड में जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से नारायणी शक्ति फाउंडेशन टीम द्वारा वर्ष 2026 में पटना, बिहार के विभिन्न जरूरतमंद क्षेत्रों में कंबल वितरण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम समाज के उन लोगों के लिए आशा की किरण बना, जो सर्द रातों में ठंड से जूझने को मजबूर होते हैं।
मानवता और सेवा का संदेश
नारायणी शक्ति फाउंडेशन हमेशा से सामाजिक सेवा, महिला सशक्तिकरण और जरूरतमंदों की सहायता के लिए कार्य करता आ रहा है। इसी क्रम में आयोजित इस कंबल वितरण अभियान का मुख्य उद्देश्य था—
- बेसहारा और गरीब लोगों को ठंड से बचाना
- मानवता और करुणा का संदेश फैलाना
- समाज में सेवा भाव को प्रोत्साहित करना
पटना, बिहार में हुआ आयोजन
यह सेवा कार्यक्रम पटना शहर के झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों, सड़कों के किनारे रहने वाले लोगों, वृद्धजनों और असहाय परिवारों के बीच आयोजित किया गया। फाउंडेशन के सदस्यों ने स्वयं मौके पर जाकर जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए और उनसे संवाद कर उनकी समस्याओं को भी समझा।
टीम का समर्पण
इस कार्यक्रम में नारायणी शक्ति फाउंडेशन की पूरी टीम ने सक्रिय भागीदारी निभाई। टीम के सदस्यों ने न केवल कंबल वितरित किए, बल्कि लोगों को यह विश्वास भी दिलाया कि वे अकेले नहीं हैं।
लोगों के चेहरे पर मुस्कान
कंबल पाकर जरूरतमंदों के चेहरों पर जो मुस्कान दिखाई दी, वही इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी सफलता रही। कई लोगों ने फाउंडेशन टीम को आशीर्वाद दिया और इस पहल की सराहना की।
भविष्य की योजनाएं
नारायणी शक्ति फाउंडेशन आने वाले समय में भी इस तरह के सामाजिक कार्यों को और व्यापक स्तर पर करने की योजना बना रहा है, ताकि—
- अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाई जा सके
- शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी कार्य किया जा सके
निष्कर्ष
नारायणी शक्ति फाउंडेशन टीम द्वारा 2026 में पटना, बिहार में किया गया कंबल वितरण कार्यक्रम न केवल एक सेवा कार्य था, बल्कि यह मानवता, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी का जीवंत उदाहरण भी था। ऐसे प्रयास समाज को एक बेहतर दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उत्तराखंड मंत्री पति द्वारा बिहार के महिलाओं के सम्मान को लेकर नारायणी शक्ति फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष सरिता राज एवं अन्य समाज सेवइयां सचिवालय थाना में प्राथमिकता दर्ज करवाई महिलाओं के सम्मान को लेकर
महिलाओं के सम्मान को लेकर न्याय की मांग
उत्तराखंड मंत्री पति के बयान के विरोध में नारायणी शक्ति फाउंडेशन की सशक्त पहल
स्थान: सचिवालय थाना, बिहार
महिलाओं के सम्मान और गरिमा से जुड़ा कोई भी विषय केवल एक राज्य तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह पूरे समाज और देश की आत्मा से जुड़ा होता है। इसी भावना के तहत उत्तराखंड के एक मंत्री पति द्वारा बिहार की महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले कथित बयान के विरोध में नारायणी शक्ति फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सरिता राज के नेतृत्व में एक सशक्त कदम उठाया गया।
सचिवालय थाना में प्राथमिकता दर्ज
इस गंभीर विषय को लेकर नारायणी शक्ति फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष सरिता राज एवं अन्य समाज सेविकाओं ने एकजुट होकर सचिवालय थाना में जाकर प्राथमिकता (शिकायत/प्राथमिकी) दर्ज करवाई। इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल विरोध दर्ज कराना नहीं था, बल्कि यह संदेश देना था कि—
बिहार की महिलाओं का सम्मान किसी भी हाल में अपमानित नहीं किया जा सकता।
महिलाओं के सम्मान से समझौता नहीं
शिकायत दर्ज कराते समय फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष सरिता राज ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि@“महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा या मानसिक उत्पीड़न किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। यह केवल बिहार की महिलाओं का नहीं, बल्कि पूरे देश की महिलाओं का अपमान है।”
उन्होंने यह भी कहा कि संविधान महिलाओं को समानता, सम्मान और सुरक्षा का अधिकार देता है, और कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो, इन अधिकारों का उल्लंघन नहीं कर सकता।
समाज सेविकाओं की एकजुट आवाज
इस मौके पर उपस्थित अन्य समाज सेविकाओं ने भी अपना समर्थन जताते हुए कहा कि—
- महिलाओं के सम्मान पर कोई समझौता नहीं होगा
- ऐसे मामलों में चुप रहना अन्याय को बढ़ावा देना है
- कानून के माध्यम से न्याय की मांग करना हर नागरिक का अधिकार है
सभी ने एक स्वर में मांग की कि दोषी व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई हो और भविष्य में कोई भी महिला समाज को नीचा दिखाने का दुस्साहस न करे।
यह केवल शिकायत नहीं, एक संदेश है
नारायणी शक्ति फाउंडेशन द्वारा की गई यह पहल केवल एक प्राथमिकी दर्ज कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि—
महिलाओं का सम्मान कोई विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्य है।
निष्कर्ष :
उत्तराखंड मंत्री पति के कथित बयान के खिलाफ नारायणी शक्ति फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष सरिता राज एवं समाज सेविकाओं द्वारा सचिवालय थाना में दर्ज करवाई गई प्राथमिकता न्याय, संविधान और महिलाओं के आत्मसम्मान की रक्षा की दिशा में एक मजबूत कदम है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देती है कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना ही सच्ची समाज सेवा है।
ज्योति सिंह के सहयोग से नारायणी शक्ति फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यक्रम में पहुँच चुकी हैं।
ज्योति सिंह के निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन से नारायणी शक्ति फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष अपने संगठन के महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उपस्थित हुईं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, एवं सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं की भागीदारी, उनके अधिकारों की रक्षा, तथा आत्मनिर्भरता पर विशेष चर्चा की गई। ज्योति सिंह ने अपने सहयोग से इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे संस्था की सामाजिक पहुँच और भी मजबूत हुई।
यह उपस्थिति न केवल फाउंडेशन के कार्यों को प्रोत्साहन देती है, बल्कि देशभर की महिलाओं को एक नई प्रेरणा भी प्रदान करती है कि संगठित होकर समाज में परिवर्तन लाया जा सकता है।
